श्रीमती फूलोदेवी नेताम जी सांसद (राज्यसभा) छत्तीसगढ़ की प्रेसवार्ता
अमित शाह ने कहा कि "अभी एक फैशन हो गया है अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता,कांग्रेस
The Narad News 24,,,,, रायपुर में श्रीमती फूलोदेवी नेताम जी सांसद (राज्यसभा) छत्तीसगढ़ की प्रेसवार्ता में बताया कि भारतीय संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक अवसर पर, लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर संविधान पर चर्चा का अनुरोध किया था। यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया और संसद में विचार- विमर्श की प्रक्रिया शुरू हो गई।

हालांकि, संविधान पर एक गंभीर और महत्वपूर्ण चर्चा के रूप में शुरु हुई चर्चा को भाजपा ने राजनीतिक अवसरवाद के एक शर्मनाक प्रदर्शन में बदल दिया। इस अवसर की गरिमा को बनाए रखने के बजाय, भाजपा ने विपक्षी नेताओं को बदनाम करने और उनका अपमान करने के लिए मंच का दुरुपयोग किया। इससे भी बदतर, केंद्रीय गृह मंत्री ने संविधान के मूल तत्व और इसके प्रमुख निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान किया।
अमित शाह ने कहा कि “अभी एक फैशन हो गया है अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर, अंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।”

इस भयावह आचरण के बावजूद, भाजपा और उसके नेतृत्व ने कोई पश्चाताप नहीं दिखाया है। इसके बजाय, वे ऐसे बयानों का बचाव करके लाखों भारतीयों को होने वाली पीड़ा को बढ़ाने में लगे हैं, जिससे उनकी गहरी संविधान-विरोधी और दलित विरोधी मानसिकता और उजागर होती है।
न्याय, समानता और भाईचारे के सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध निर्वाचित प्रतिनिधियों के रूप में, यह जरूरी है कि हम संविधान को कमजोर करने और बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर की विरासत को कलंकित करने के इन बेशर्म प्रयासों के खिलाफ एकजुट हों। भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है; यह हमारे लोकतंत्र की नींव है और हर भारतीय नागरिक, खासकर उत्पीड़ित और हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों की गारंटी है।

हम सभी लोकतांत्रिक ताकतों से इन कार्रवाइयों की स्पष्ट रूप से निंदा करने और संविधान के मूल्यों तथा डॉ. अंबेडकर द्वारा परिकल्पित न्यायपूर्ण और समावेशी भारत की परिकल्पना की रक्षा के लिए खुद को फिर से प्रतिबद्ध करने का आह्वान करते हैं। आइए हम यह सुनिश्चित करने का संकल्प लें कि भारत के हाशिए पर पड़े लोगों की आवाज़ सुनी जाए और संविधान पर हमले का हर कदम पर विरोध किया जाए।
कांग्रेस पार्टी अमित शाह से भारत की जनता से तुरंत माफ़ी मांगने और गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देने की मांग करती है। उनका पद पर बने रहना बाबा साहेब के न्याय, समानता और सम्मान के आदर्शों का सीधा अपमान है।


