स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की विभाग के योजनाओं की समीक्षा
मंत्रालय नवा रायपुर में विभागीय सचिव एवं संचालकों के साथ बैठक में दिए आवश्यक निर्देश
The Narad News 24,,,,,,रायपुर में 24 दिसंबर 2024को स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कार्यों की समीक्षा की है। स्वास्थ्य मंत्री ने नव पदस्थ स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया की उपस्थिति में विभागीय प्रमुखों एवं सभी अधिकारियों को बेहतर कार्य करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। बैठक में बीते एक वर्ष के दौरान स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गयी साथ ही आने वाले समय के लिए भी अधिकारियों को रणनीति बनाकर जनहित में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए चर्चा की गयी।

समीक्षा बैठक में चिकित्सा शिक्षा , स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सीजीएमएससी एवं खाद्य एवं औषधि विभाग से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में श्री जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य जनहित से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है और इसमें लगातार सुधार की गुंजाइश है। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला , एमडी एनएचएम श्री विजय दयाराम के एवं संचालक सीजीएमएससी श्रीमती पद्मिनी भोई समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर एम्स में शुरू हुआ पद्म विभूषण तीजन बाई का इलाज*
*स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर तीजन बाई को मिला मोटराइज्ड आटोमेटिक बेड और व्हील चेयर*
रायपुर 23 दिसंबर 2024/छत्तीसगढ़ की पहचान और देश के दूसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई का एम्स में इलाज शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तीजन बाई की बीमारी की जानकारी मिलते ही उनके समुचित और बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी लेने उनसे मिलने भी पहुंचे थे और पांच लाख रूपए की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी थी। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया था कि तीजन बाई के लिए घर में ही मोटराइज्ड रिमोट कंट्रोल आटोमेटिक बेड, बेड टेबल और व्हील चेयर उपलब्ध कराया जाए। निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तीजन बाई के लिए ये आवश्यक सामान उपलब्ध करा दिया है। इसके साथ ही एक मेडिकल आफिसर और एक फिजियोथिरेपिस्ट को भी तीजन बाई की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया है। डाक्टरों की टीम दिन में एक बार उनके घर में ही उनकी स्वास्थ्य जांच करके मेडिकल रिपोर्ट तैयार करती है।
उल्लेखनीय है कि पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई ने पंडवानी के माध्यम से छत्तीसगढ़ का नाम देश विदेश में रोशन किया है। तीजन बाई वास्तव में छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। इस लिहाज से राज्य सरकार भी तीजन बाई की देखरेख में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। खुद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी लेते रहते हैं और अपने प्रतिनिधि के रूप मे उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को तीजन बाई की देखरेख करने की पूरी जिम्मेदारी दी है।
अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने रचा इतिहास, निकाला फेफड़े और हार्ट से चिपका पांच किलो का ट्यूमर*
*मरीज स्वस्थ होकर हुई हॉस्पिटल से डिस्चार्ज*
*ट्यूमर इतना वृहद कि मरीज दो महीनों से नहीं ले पा रही थी ठीक से सांस, ऑपरेशन के पहले रखना पड़ा वेंटीलेटर पर*
*मेडिकल भाषा में कहा जाता है मेडिस्टाइनल ट्यूमर*

रायपुर 24 दिसंबर 2024/डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने 52 वर्षीय महिला के फेफड़े और हार्ट से चिपका लगभग पांच किलोग्राम वजनी मेडिस्टाइनल ट्यूमर को निकालकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सर्जरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि सर्जन की टीम इस कैंसरस ट्यूमर को सावधानीपूर्वक बाहर नहीं निकालती तो शरीर के वाइटल ऑर्गन हृदय और फेफड़े में चोट लगने का खतरा हो सकता था। अम्बेडकर अस्पताल के दक्ष सर्जन टीम की बदौलत इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई। इस तरह की मुश्किल सर्जरी को सफलता पूर्वक संपन्न करने पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंबेडकर अस्पताल प्रबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि बहुत जल्द ओपन हार्ट सर्जरी और कोरोनरी बायपास सर्जरी की सुविधा भी लोगों को मिलने लगेगी।
अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग में 52 वर्षीय महिला लेने में तकलीफ की शिकायत के साथ अम्बेडकर अस्पताल पहुंची। सीटी स्कैन एवं अन्य जांच कराने पर पता चला कि मरीज के छाती के अंदर और हार्ट से चिपका हुआ बहुत बड़ा ट्यूमर है। मरीज की हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही थी इसलिए उसको हाईप्रेशर (बाईपेप) वेंटीलेटर में रखा गया। ट्यूमर इतना बड़ा था कि वह हार्ट को दबाकर दूसरे भाग में शिफ्ट कर दिया था एवं फेफड़े के साथ-साथ सांस नली भी दब गई थी। अन्य संस्थानों में मरीज को ऑपरेशन के लिए मना कर दिया गया था। योजना के अनुसार कैंसर सर्जन डॉ. आशुतोष गुप्ता एवं हार्ट और चेस्ट सर्जन डॉ. कृष्णकांत साहू की टीम के संयुक्त प्रयास से यह ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। इस ऑपरेशन के दौरान हार्ट लंग मशीन को भी तैयार करके स्टेंड बाई मोड में रखा गया था क्योंकि यदि किसी कारण से हार्ट या पल्मोनरी आर्टरी में चोट लग जाती है तो मशीन से सपोर्ट मिल जाता।
ट्यूमर लगभग पांच किलोग्राम का था। बाद में बायोप्सी करने पर पता चला कि यह मैलिग्नेंट ट्यूमर है जिसको सार्कोमा कहा जाता है जो कि बहुत भयावह ट्यूमर होता है। ठीक होने के बाद मरीज को कीमोथेरेपी के लिए कैंसर विभाग में भेज दिया गया।


