बीएसपी की स्थापना में श्यामा प्रसाद मुखर्जी का कोई योगदान नहीं – कांग्रेस
बीएसपी 1956 में शुरू हुआ, मुखर्जी 1950 में नेहरू मंत्रिमंडल से हटा दिये गये थे

The narad news 24,,,,,रायपुर,,,,/19 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा अपनी जानकारी बढ़ाकर छत्तीसगढ़ के संबंध में बयान दिया करे अन्यथा उनकी अल्पज्ञान से मुख्यमंत्री की छवि भी खराब होती है। पंकज झा भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रेय दे रहे है जबकि श्यामा प्रसाद मुखर्जी, नेहरू मंत्रिमंडल से 1950 में हटा दिये गये थे जबकि भिलाई इस्पात संयंत्र के लिए सोवियत रूस के साथ एमओयू 1955 में हुआ तथा इसका काम द्वितीय पंचवर्षीय योजना के दौरान 1956 से 1959 में हुआ। उद्घाटन 4 फरवरी 1969 को हुआ। दलीय चाटुकारिता में पंकज झा झूठ परोस रहे या फिर उन्हें छत्तीसगढ़ के संबंध में जानकारी नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में अडानी क्यों भ्रमण करने आना चाहते थे, संबंध में भाजपा सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए। अडानी जब भी जहां जाते है वहां के सरकारी संसाधनों का अधिग्रहण या डबल इंजन की सरकार के सहयोग से हथियाना उनकी फितरत है। छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन पर उनकी नजर कैसी है किसी से छुपा नहीं है। सरकार और सेल यह बता रहे कि बीएसपी नहीं बिक रहा तो हम भरोसा करते है लेकिन सरकार की अडानी परस्ती मन से शंका तो पैदा करती है।
बीएसपी में अडानी के दौरे पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में आज जो सरकार चल रही है, वह प्रदेश की तीन करोड़ जनता के लिए नहीं, बल्कि केवल एक कॉर्पोरेट मित्र ‘अडानी’ के मुनाफे के लिए काम कर रही है। जनवरी 2025 में भिलाई के मिनी रत्न कंपनी फेरो स्क्रैप लिमिटेड को बेचना हो, पवित्र नंदराज पर्वत सौंपना हो, या साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड एसईसीएल – कोल इंडिया लिमिटेड सीआईएल की खदानों में जबरन अडानी को खनन ठेका देना हो, भाजपा ने छत्तीसगढ़ को ‘सेल फॉर अडानी’ बना दिया है। अब इनकी नियत भिलाई स्टील प्लांट बीएसपी और हमारी खनिज संपदा को हड़पने की है? कांग्रेस पार्टी छत्तीसगढ़ की जल, जंगल, जमीन और सार्वजनिक संपत्तियों की इस लूट के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी।



