वोट चोरी और ज्ञानेश के समर्थन में भाजपा का अभियान चोर मचाये शोर – कांग्रेस

The narad news 24,,,,,रायपुर,,,,,,,/19 अक्टूबर 2026। कांग्रेस द्वारा वोट बचाओ लोकतंत्र अभियान के खिलाफ भाजपा के कार्यक्रम को वोट चोरी और ज्ञानेश के समर्थन में भाजपा का अभियान चोर मचाये शोर अभियान करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि चोरी ऊपर से सीनाजोरी? जब वोट चोरी का षडयंत्र रंगे हाथों पकड़ा गया, तो भाजपा ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए मैदान में उतर आई। यह साबित करता है कि यह प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि भाजपा का प्रायोजित वोटर डिलीट सिंडिकेट है। छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र और बाबा साहब अंबेडकर के दिए संवैधानिक अधिकारों पर भाजपा सरकार ने डाका डालना शुरू कर दिया है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के नाम पर गरीब, किसान, मजदूर और आदिवासियों के नाम मतदाता सूची से षडयंत्रपूर्वक काटे जा रहे हैं। जब कांग्रेस ने इस वोट चोरी का रंगे हाथों पर्दाफाश किया, तो बौखलाई भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के लिए ज्ञानेश कुमार जी के बचाव में उतर आई है। भाजपा का यह बचाव ही साबित करता है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है।

प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भाजपा सरकार लोकतंत्र और पारदर्शी चुनाव का दावा करती है, लेकिन धरातल पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के प्रशासनिक तंत्र का उपयोग करके कांग्रेस समर्थित और गरीब-वंचित वर्गों के वोट काटे जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 6 लाख मतदाता मृत बताये गए और 19 लाख से अधिक मतदाता शिफ्टेड बता कर वोटर लिस्ट से हटा दिये गए, जब पाप उजागर हुआ, तो भाजपा जनहित के मुद्दों पर जवाब देने के बजाय केंद्रीय तंत्र और ज्ञानेश कुमार के ढाल की तरह खड़ी हो गई है। पूरे देश में 13 करोड़ 30 लाख से अधिक लोगों से एसआईआर के नाम पर मतदान का अधिकार छिन लिया गया जो लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है।
प्रदेश कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का उपयोग सुधार के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक छांटने के लिए किया जा रहा है। बीएलओ स्तर पर दबाव बनाकर, बिना वैधानिक सत्यापन और बिना पूर्व सूचना के गरीब, मजदूर, आदिवासी एवं ग्रामीण मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से विलोपित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ का भूमिहीन मजदूर, आदिवासी और देहात का आम नागरिक, जो रोज़ी-रोटी के लिए पलायन करता है या दूरदराज में रहता है, उसके मौलिक संवैधानिक अधिकार, वोट देने के अधिकार पर सीधा डाका डाला जा रहा है। छत्तीसगढ़ में वोटर डिलीट सिंडिकेट का पर्दाफाश हो चुका गया है, आरोप निर्वाचन आयोग के त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया से नाम काटने के षडयंत्र पर लग रहा है तो भाजपा क्यों सफाई दे रही है?



