BREKING NEWS कोंडागांव करोड़ों का पुलिया निर्माण हो रहा अनदेखी का शिकार,क्या कहा इंजीनियर ने पढिए.
BREAKING NEWS Kondagaon bridge construction worth crores is being neglected, read what the engineer said.

BREKING NEWS कोंडागांव करोड़ों का पुलिया निर्माण हो रहा अनदेखी का शिकार,
THE NARAD NEWS 24,,,,,,,कोंडागांव। करोड़ों की लागत से मसोरा से छुईढोड़ा मार्ग में जल संसाधन विभाग के द्वारा बनवाए जा रहे स्टपडेम पुलिया निमार्ण में निमार्णकर्ता ठेकेदार के द्वारा लापरवाही बतरने का मामला सामने आया है। यह हम नहीं बल्कि यहां के ग्रामीणों के साथ ही निमार्ण कार्य में लगे मजदूर व कार्य की रेखरेख करने वाले मुंशी स्वंय ही बया कर रहे है। मुंशी 16 बोरा एक लोड में सीमेंट मिलाने की की तो, कार्य कर रहे मजदूर 14 व 12 बोरा डालने की बात कह रहे है। नारंगी नदी पर बन रहे इस पुलिया निमार्ण की गुणवक्ता व तकनीकी रेखदेख की जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग की है, लेकिन शायद इनके द्वारा निमार्ण कार्य को अनदेखा किया जा रहा है। यदि शुरूआती दौर में ही निमार्ण कायर् में अनियमितता बरतते हुए गुणवक्तापूणर् कार्य नहीं किया गया तो इस स्टापडेम सह पुलिया निमार्ण का पूरा का पूरा स्ट्रक्चर ही कमजोर हो सकता है। जिम्मेदारों को इस ओर समय पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

ग्रामीणों की वर्षों पुरानी थी यह मांग
दरअसल नारंगी नदी में तकरीबन 7 करेाड़ की लागत से बन रहे इस स्टापडेम सह पुलिया निमार्ण की मांग वषोर् से ग्रामीणों के द्वारा की जाती रही है, इस पुलिया के बन जाने से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय पुहंचने में असानी होने के साथ ही दूरी कम होने के साथ ही समय की भी बचत होगी। निमार्ण कायर् की स्वीकृति के बाद 5 अगस्त 2023 को तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक व मंत्री मोहन मरकाम के द्वारा इस निमार्णकायर् का भूमिपूजन किया गया था और निमार्ण कायर् की शुरूआत हुई, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही के चलते पुलिया के अबाटमेंट निमार्ण में ही गुणवक्ताहीन कार्य कराये जाने का मामला सामने है।
जल संसाधन विभाग के 7 करोड़ की लागत से करवाया जा रहा है स्टापडेम में अनियमितता
ग्रामीण दलसाय कहते है कि, स्थानीय मजदूर ही इस निर्माण कार्य में लगे हुए है, वो लोग कह रहे थे, ठेकेदार 12 बोरा प्रत्येक लोड में डालने को बताते थे, लेकिन मुंशी 10 बोरी डलवा रहा है। जिसे लेकर हम ग्रामीणों ने मुंशी से भी जानकारी किया था तो उसने कहा कि, दादा अभी यही इतना ही रहेगा उपर में ज्यादा डालते है। चर्चा भी किया था।
– ग्रामीण रैनूराम ने बताया कि, कम मात्रा में सीमेंट मिलाने के साथ ही हमें लग रहा है कि, राड भी पतला डाला जा रहा है। खैर हमें तकनीकी जानकारी तो नहीं है, लेकिन देखने में गुणवक्ताहीन कायर् अभी नजर आ रहा है। यदि काम ठीक से नहीं होगा तो यह पुलिया कुछ दिनों बाद कोई काम का नहीं रह जाएगा।
क्या कहते हैं इंजीनियर
साइड इंजीनियर उमेश नेताम से इस बारे में जानकारी लेने पर उन्होंने बताया की पुलिया निर्माण में कुछ अनियमितता की बात सामने आने आई थी,जिसे अब सुधरवा लिया गया है और प्रत्येक लोड में 18 बोरी सीमेंट मिलाने को कहा गया है। 



