APL अपोलो बिल्डिंग प्रोडक्ट्स लिमिटेड की जनसुनवाई पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाया दबाव बनाकर सहमति पत्र लेने का आरोप
सिमगा/रिंगनी। ग्राम रिंगनी में APL अपोलो बिल्डिंग प्रोडक्ट्स लिमिटेड की प्रस्तावित परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई के बाद विवाद गहराया


सिमगा/रिंगनी। ग्राम रिंगनी में APL अपोलो बिल्डिंग प्रोडक्ट्स लिमिटेड की प्रस्तावित परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई के बाद विवाद गहराता नजर आ रहा है। क्षेत्र के कुछ स्थायी निवासियों ने आरोप लगाया है कि जनसुनवाई से दो दिन पहले ही उनसे सहमति पत्र भरवाए गए और कई परिवारों से एक नहीं बल्कि पांच-पांच सहमति पत्र लिए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों पर सहमति देने के लिए दबाव बनाया गया। आरोप है कि कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को सहमति पत्र नहीं देने की स्थिति में नौकरी से निकालने की चेतावनी भी दी गई। इन आरोपों के बाद जनसुनवाई की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि सहमति पत्र किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत लिए गए। उनका कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य जनता की स्वतंत्र राय जानना होता है, इसलिए किसी भी प्रकार का दबाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत है।
वहीं, इस मामले में कंपनी प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। यदि इस संबंध में उनका कोई आधिकारिक बयान प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
(नोट: यह समाचार स्थानीय निवासियों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके दावों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब प्राप्त होना शेष है।)
रिपोर्ट: दा नारद न्यूज 24



