स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री पर खाद्य एवं औषधि विभाग की सख्त कार्रवाई
On the instructions of Health Minister Shyam Bihari Jaiswal, the Food and Drugs Department took strict action against illegal sale of narcotic drugs
The Narad News 24,,,,,रायपुर 26 मई 2025/ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाइयों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रदेश भर में निरंतर छापामार कार्रवाइयां की जा रही हैं। विभाग में पदस्थ औषधि निरीक्षकों द्वारा मेडिकल स्टोर्स का सतत् निरीक्षण करते हुए शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप समस्त प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की अनिवार्यता का भी परीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों के फुटेज की भी गहनता से जांच की जा रही है।

इसी क्रम में जिला दुर्ग में पदस्थ खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा थाना पुलिस के संयुक्त दल द्वारा की गई छापेमारी में नशीली दवाइयों की अवैध खरीद-बिक्री में संलिप्त पाए जाने पर एक मेडिकल संचालक सहित चार व्यक्तियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टेंसेस (NDPS) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
इसी प्रकार, जिला सरगुजा में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा प्राप्त शिकायत के आधार पर गर्भपात कराने वाली औषधियों के अवैध व्यापार में संलिप्त मेडिकल स्टोर्स के विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली 1945 के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है।

विगत सप्ताह औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मुंगेली, बलौदाबाजार, महासमुंद, बालोद, रायपुर, कोंडागांव, रायगढ़, कोरबा, सुकमा, जांजगीर-चांपा तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में स्थित विभिन्न औषधि प्रतिष्ठानों से कुल 22 औषधियों के नमूने संकलित कर रायपुर स्थित कालीबाड़ी राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे गए हैं।
इसके अतिरिक्त, धमतरी, बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, बेमेतरा, कोरबा एवं गरियाबंद जिलों के औषधि निरीक्षकों द्वारा कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 4 एवं 6 के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों के समीप स्थित पान दुकानों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कुल 171 चालान काटे गए, जिसमें 10,380 रुपये की जुर्माना राशि वसूल की गई।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आमजन की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए नशीली दवाओं की अवैध बिक्री एवं औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु यह सतत् अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
*खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा अभियान: विभिन्न जिलों में सघन निरीक्षण, अवमानक व मिथ्या छाप उत्पादों पर कड़ी कार्रवाई*
*नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल*
रायपुर, 26 मई 2025/
राज्य में गर्मी के मौसम के आगमन के साथ ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने हेतु व्यापक स्तर पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग एवं कबीरधाम जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल-रेस्टोरेंट, पेय जल कंपनियों एवं निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर बड़ी संख्या में नमूने संकलित किए हैं। अभियान के अंतर्गत जहां अवमानक एवं मिथ्याछाप उत्पादों पर कार्रवाई की गई है, वहीं खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन हेतु स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
*नियमित निरीक्षण व कानूनी कार्रवाई*
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सभी जिलों में पदस्थ अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस/पंजीयन अनिवार्यता, समय पर नवीनीकरण एवं स्वच्छता नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया। बालोद जिले में बीबी फूड्स एंड बेवरेजेस सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री व पेयजल के नमूने संकलित किए गए। बेमेतरा में मिठाई दुकान, किराना दुकान, दूध उत्पाद एवं बर्फ फैक्ट्रियों की जांच की गई। यहां सात प्रतिष्ठानों पर कुल 17 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया तथा बिना पंजीयन व मिथ्याछाप उत्पाद विक्रय के दो प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
*मिलावटी पेय पदार्थों पर निगरानी*
राजनांदगांव जिले में गर्मी के मौसम में पेयजल उत्पादों में मिलावट की संभावनाओं को देखते हुए सघन जांच की गई। ग्रामीण अंचलों में बिकने वाले ‘अज्जु’, ‘पोपो एक्वा’, ‘पोम्पी मैंगो’, ‘पेप्सी’ जैसे ब्रांड्स के पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूने संकलित कर परीक्षण हेतु भेजे गए। इसके अतिरिक्त होटल व भोजनालयों से आलू मसाला, बिरयानी राइस, कटहल आदि के नमूने लिए गए। अप्रैल 2025 से अब तक यहां 211 नमूने संकलित किए गए हैं, जिनमें 06 अवमानक, 03 मिथ्याछाप एवं 03 असुरक्षित पाए गए, जिन पर विधिक कार्रवाई जारी है।
दुर्ग जिले में खाद्य पदार्थों एवं पैकेजिंग सामग्री की गुणवत्ता जांच हेतु 18 विधिक नमूने तथा 20 पैकिंग सामग्री के नमूने लिए गए हैं। पूर्व में संकलित नमूनों में मिठाई, खोवा, मसाले, बेकरी उत्पाद एवं पेयजल में गंभीर गुणवत्ता दोष पाए गए हैं। चलित खाद्य प्रयोगशाला द्वारा लिए गए 121 नमूनों में 09 अवमानक पाए जाने पर उन्हें मौके पर नष्ट किया गया।
कबीरधाम जिले में 08 नमूने संकलित किए गए, जिनमें 08 प्रकरण अवमानक तथा 01 मिथ्याछाप पाए जाने पर उन्हें माननीय एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा ‘बादशाही द ढाबा’ को ₹20,000 एवं ‘न्यू कल्पना रेस्टोरेंट’ को ₹5,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की सराहना करते हुए कहा, “राज्य सरकार नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह सघन निरीक्षण अभियान जनस्वास्थ्य की रक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल है। विभागीय अधिकारी तत्परता से कार्य कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
प्रदेश में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की यह सघन कार्रवाई न केवल उपभोक्ता स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि खाद्य कारोबारियों को भी नियमों के पालन हेतु जागरूक कर रही है। राज्य खाद्य प्रयोगशालाओं में नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।


