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आचार संहिता हुई लागू, क्या होती है आचार संहिता? अब क्या क्या नहीं कर सकती सरकार और क्या है नियम कायदे कानून,

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 7 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 17 नवबंर को होगा।

 

 

The narad news 24,,,,,,,रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के विधानसभा निर्वाचन के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही जिसके अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र आता है, आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने आज प्रेस कांफ्रेंस में पांचों राज्यों में चुनाव का ऐलान किया। इसके साथ ही इन राज्योंं मे चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।

छत्तीसगढ़ (कुल 90 सीट) में 07 नवंबर और 17 नवंबर को चुनाव होंगे।

मध्य प्रदेश (कुल 230 सीट) में 07 नवंबर को चुनाव होंगे।

राजस्थान (कुल 200 सीट) में 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव होंगे।

मिजोरम (कुल 40 सीट) में 07 नवंबर को चुनाव होंगे।

तेलंगाना (कुल 119 सीट) में 30 नवंबर को चुनाव होंगे।

 

चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद ही तत्काल प्रभाव से पांचो प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई। आचार संहिता के लागू होने के बाद प्रदेश में कई सरकारी कार्यों और अन्य कार्यों पर रोक लग जाएगी। आदर्श आचार संहिता के प्रभावशील होते ही धारा-144, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, आयुध अधिनियम के तहत शस्त्र जमा तथा निलंबित किए जाने, पाम्पलेट-पोस्टर मुद्रण, विश्राम गृहों का आरक्षण, शासकीय वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध, विभिन्न आयोजनों की अनुमति, मतदान केंद्र भवनों का अधिग्रहण आदि के संबंध में आदेश जारी कर निर्देशों का निष्पक्ष रूप से पालन कराया जाएगा।

आचार संहिता प्रभावशील होते ही संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थल तथा शासकीय भवनों में लगे बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स, एलईडी तथा अन्य प्रचार सामग्रियों को 24 घण्टे भीतर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। प्रथम 48 घंटे में सभी सार्वजनिक संपत्तियों से विरूपण हटाने की कार्यवाही जाएगी। प्रथम 72 घंटे में सभी निजी संपत्तियों से विरूपण हटाया जाएगा। विरूपण पर कि गई कार्यवाही कि निर्धारित प्रारूप में प्रतिदिन प्रतिवेदन भेजना होगा।

चुनाव तारीखों की घोषणा

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में चुनाव कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 7 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 17 नवबंर को होगा।

#पहले_चरण के लिए

नोटिफिकेशन/ नामांकन 13 अक्टूबर 2023 से

नामांकन का आखिरी दिन

20 अक्टूबरसी2023

नामांकन पत्रों की जांच 21 अक्टूबर

प्रत्याशी नाम वापस

23 अक्टूबर तक

मतदान 7 नवंबर को।

 

#दूसरे_चरण के लिए

नोटिफिकेशन/नामांकन

21अक्टूबर से,

नामांकन का आखिरी दिन,

30 अक्टूबर को

नामांकन पत्रों की जांच,

31 अक्टूबर को

नाम वापसी 2 नवंबर तक

मतदान 17 नवंबर को होंगे।

3 दिसंबर को मतगणना होगी।

 

,,,,पहले_चरण_में राज्य की ,,20 सीटों में से,,,

71पंडरिया, 72 कवर्धा 73 खैरागढ़ 74 डोंगरगढ़ (अ.जा.) 75 राजनांदगांव 76 डोंगरगांव 77 खुज्जी 78 मोहला-मानपुर (एसटी) 79 अंतागढ़ (एसटी) 80 भानुप्रतापपुर (अजजा) 81 कांकेर (अ.ज.जा.) 82 केशकाल (अजजा) 83 कोंडागांव (अजजा) 84 नारायणपुर (अजजा) 85 बस्तर (एसटी) 86 जगदलपुर 87 चित्रकोट (अजजा) 88 दंतेवाड़ा (एसटी) 89 बीजापुर (अजजा) 90 कोंटा (एसटी) पर चुनाव होगा।

 

,,,,दूसरे_चरण_में राज्य की 70 सीटों पर मतदान होगा. इसमें,,,,,,

1 भरतपुर-सोनहत (ST) 2 मनेन्द्रगढ़ 3 बैकुंठपुर 4 प्रेमनगर 5 भटगांव 6 प्रतापपुर (एसटी) 7 रामानुजगंज (एसटी) 8 सामरी (एसटी) 9 लुंड्रा (एसटी) 10 अंबिकापुर 11सीतापुर (एसटी) 12 जशपुर (एसटी) 13 कुनकुरी (एसटी) 14 पत्थलगांव (एसटी) 15 लैलूंगा (एसटी) 16 रायगढ़ 17 सारंगढ़ (अ.जा.) 18 खरसिया 19 धरमजयगढ़ (एसटी) 20 रामपुर (एसटी) 21 कोरबा 22 कटघोरा 23 पाली-तानाखार (एसटी) 24 मरवाही (एसटी) 25 कोटा 26 लोरमी 27 मुंगेली (अ.जा.) 28 तखतपुर 29 बिल्हा 30 बिलासपुर 31 बेलतरा 32 मस्तूरी (अ.जा.) 33 अकलतरा 34 जांजगीर-चांपा 35 सक्ती पर चुनाव होगा।

इसके अलावा 36चंद्रपुर, 37जैजैपुर, 38पामगढ़ (एससी), 39 सरायपाली (एससी), 40 बसना,

41खल्लारी, 42महासमुंद, 43 बिलाईगढ़ (एससी),

44कसडोल, 45बलौदा बाजार, 4 6 भाटापारा,

47धरसीवा, 48 रायपुर ग्रामीण, 49 रायपुर शहर पश्चिम, 50 रायपुर शहर उत्तर, 51 रायपुर शहर दक्षिण, 52आरंग(एससी), 53अभनपुर, 54 राजिम, 55 बिंद्रानवागढ़ (एसटी),

56 सिहावा(एसटी), 57कुरूद, 58 धमतरी,

59संजारी बालोद, 60डोंडीलोहारा (एसटी), 61 गुंडरदेही, 62 पाटन, 63 दुर्ग-ग्रामीण,

64 दुर्गशहर 65 भिलाई नगर, 66 वैशाली नगर

67 अहिवारा (एससी), 68साजा, 69 बेमेतरा,

70 नवागढ़(एससी) पर दूसरे चरण में चुनाव होंगे।

जानिए आचार संहिता लागू होने के बाद क्‍या-क्‍या बदलाव होगा….
• निर्वाचनों की घोषणा के बाद नई योजना परियोजनाओं या निर्माण की घोषणा या ऐसे वायदों पर रोक होगी।
• किसी भी रूप में किसी भी वित्तीय अनुदान की घोषणा नहीं होगी ना ही उनके वायदे किए जाएंगे।
• किसी भी प्रकार की परियोजना या योजना की आधारशिला नहीं रखी जाएगी।
• सड़कों के निर्माण पेयजल की सुविधा आदि का कोई वादा नहीं किया जाएगा।
• आचार संहिता की लागू होने की 72 घंटे के अंदर उन कार्यों की सूची प्राप्त की जाएगी जो पहले से धरातल पर प्रारंभ किया जा चुके हैं।
• जन उपयोगी योजनाएं को, जो पूर्णता की स्थिति में है, सिविल अधिकारियों के द्वारा बिना किसी समारोह के या राजनीतिक व्यक्तियों को बुलाए प्रारंभ किया जा सकता है।
• पूर्ण हो चुके कार्य के भुगतान करने के लिए राशि जारी करने के लिए कोई आपत्ति नहीं होगी।
• आचार संहिता में शीथलीकरण के आवेदन राज्य के स्क्रीनिंग कमेटी के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे जाएंगे और वहां से प्रस्ताव आयोग को भेजे जाएंगे।
• विनिर्माण परियोजनाएं जो समस्त आवश्यक शक्तियां प्राप्त करने के बाद धरातल पर प्रारंभ कर दी गई है तो जारी रहेंगी।
• वे लाभार्थी मूलक परियोजनाएं जिनमें आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले लाभार्थियों की पहचान की जा चुकी और कार्य प्रारंभ हो चुका है।
• मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री सहायता कोष से गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति के लिए सहायता राशि दिया जाना जारी रहेगा किन्तु इसका भुगतान संबंधित अस्पताल को किया जाना होगा।
• मनरेगा के पूर्व से पंजीकृत श्रमिकों को प्रचलित कार्य में शामिल किया जा सकता हैं।
• मनरेगा के अंतर्गत नई परियोजनाएं अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत तभी शुरू किये जा सकेंगे जब वह पहले से ही पंजीकृत लाभार्थियों के लिए हो और परियोजना को पहले ही परियोजनाओं की अनुमोदित और स्वीकृत सूची में रखा गया है।
• किसी भी विवेकाधींन निधि से कोई कार्य पूर्वअनुमति के बिना नहीं कराया जा सकेगा।
• सार्वजनिक क्षेत्र के घाटे में चल रहे ईकाइयों का पुनरुद्धार करने सरकार द्वारा उद्योगों का अधिग्रहण करने आदि के प्रस्ताव नहीं लाए जा सकते हैं।
• शराब के ठेकों की नीलामी नहीं की जा सकेगी ।

किसी भी परियोजना/ योजना/ कार्यक्रम के प्रचालन क्षेत्र को नहीं बढ़ाया जा सकेगा।

• किसी भी तरह के भूमि आवंटन/ अतिक्रमण व्यवस्थापन आदि कि कार्यवाही पर प्रतिबंध होगा।

• किसी भी तरह के नए समझौता या करार करने पर अनुमति प्राप्त करनी होगी।

• वैश्विक निविदा को छोड़कर अन्य निविदा जो निर्वाचन के पहले ही आमंत्रित की जा चुकी है, मूल्यांकन किया जा सकता है किंतु उसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सकता।

• यदि कोई निविदा आमंत्रित नहीं की गई है तो निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना आमंत्रित नहीं की जाएंगी ।

• राज्य सरकारों द्वारा उनके द्वारा वित्त पोषित सभी संस्थानों से निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति के बिना ऋण माफी नहीं की जा सकेगी।

• आपदा से निपटने के लिए अनुग्रह राशि वर्तमान में लागू दर के अनुसार निर्वाचन आयोग को सूचना देते हुए प्रभावित व्यक्तियों को सीधे दी जा सकती है, लेकिन भुगतान के मानकों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

• निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति बिना किसी क्षेत्र को सूखा या बाढ़ प्रभावित घोषित नहीं किया जाएगा।

• प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री राहत कोष से व्यक्तियों के समूह को कोई भी सहायता देने के लिए निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी।

• संघ लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग या किसी अन्य सांविधिक संस्था के माध्यम से भर्ती जारी रह सकती है।

• गैर सांविधिक निकायों के माध्यम से भर्ती के लिए निर्वाचन आयोग अनुमति आवश्यक होगी।

• सभी प्रकार के तदर्थ नियुक्तियों पर प्रतिबंध होगा।

• निर्वाचन से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े अधिकारियों या कर्मचारियों के स्थानांतरण पर पूर्णतः प्रतिबंध होगा।

• एम सी सी लागू होने के बाद पूर्व से स्थानांतरित अधिकारी यदि भार मुक्त नहीं किए गयें हैं तो उन्हें भारमुक्त नहीं किया जाएगा।

• जिन्हें भारमुक्त कर दिया गया और उन्होनें जॉइनिंग नहीं की है तो उन्हें जॉइनिंग नहीं दी जाएगी।

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