भाजपा सरकार महंगाई डायन के नियंत्रण में आम आदमी परेशान खाद्य सामग्री के दाम आसमान छू रहे – कांग्रेस
चावल के दाम प्रति किलो 40 रु. तक बढ़ी, शक्कर, तेल, गुड़ रोजमर्रा के समानों के दाम 30 प्रतिशत तक वृद्धि

The narad news 24,,,रायपुर/03 नवंबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार ने 100 दिन में महंगाई कम करने का वादा किया था, आज 12 साल में महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पायी। विपक्ष में रहते भाजपा जिस महंगाई को डायन बताती थी आज भाजपा सरकार उसी महंगाई डायन के नियंत्रण में है। जनता ज़ब समानों के बढ़ते दामों का विरोध करती है तब भाजपा के नेता महंगाई को राष्ट्रहित में बताकर महंगाई का समर्थन करते है। आज चावल के दामों में प्रति किलो 40 रु. तक बढ़ोतरी हो गई है। शक्कर, तेल, मिर्च, मसाला, दाल, चना, गेंहू सहित सभी प्रकार के दामों में 30 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत तक वृद्धि हो गई है। बिजली दर, रसोई गैस, बस यात्री भाड़ा बढ़ गई लेकिन आमजनता की आय घट गई, बचत खत्म हो गई। जनता रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने कर्ज पर कर्ज ले रही हैं, जिसकी वजह भाजपा सरकार की मनमानी टैक्स और मुनाफाखोरी, को बढ़ाने के नीति के चलते हुई है। भाजपा सरकार की एक ही नीति है चंदा दो, धंधा लो जिससे आम जनता परेशान हैं।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि चुनाव के समय महंगाई कम करने और अच्छे दिन लाने का वादा करने वाली भाजपा आज जनता को महंगाई की आग में झोंक रही है। आम आदमी की थाली से पौष्टिक भोजन गायब हो रहा है, रसोई का खर्च लगातार बढ़ रहा है और आमदनी वहीं की वहीं खड़ी है। भाजपा सरकार बताए कि आखिर जनता को महंगाई से राहत कब मिलेगी? क्या मोदी की गारंटी में महंगाई से राहत का वादा सिर्फ चुनावी जुमला था? भाजपा सरकार को विज्ञापनों और प्रचार से बाहर निकलकर जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। महंगाई पर नियंत्रण, रसोई गैस और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में राहत तथा आम जनता को आर्थिक सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा भाजपा कि कथनी और करनी में अंतर, महंगाई के चलते आज स्थिति यह है हर घर में जो राशन के डब्बे होते हैं वह खाली पड़े हुए, बहुत ही आवश्यक वस्तुएं लोग खरीद पा रहे हैं, वह भी आवश्यकता से कम क्योंकि जिस गति से महंगाई बढ़ रही है आने वाले दिनों में लोगों को और कठिन समय देखना पड़ेगा क्योंकि सरकार में बैठे लोगों को आम जनता की चिंता नहीं है।



