भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन ने जल जीवन मिशन को पूरी तरह बर्बाद हो गया
ठेकेदारो का बकाया भुगतान 5000 करोड़ के ऊपर पहुंच गया

THE NARAD NEWS 24,,,,,रायपुर,,,,,,/12 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भाजपा सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन ने जल जीवन मिशन को पूरी तरह बर्बाद हो गया है। लगभग 5000 रू. करोड़ का भुगतान महीनों से लंबित है, जिसके कारण पूरे प्रदेश में निर्माण कार्य ठप हैं, हजारों मजदूरों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और निर्माण एजेंसियां आर्थिक बदहाली से गुजर रही हैं। ठेकेदार, निर्माण एजेंसियां और उनके प्रतिनिधि मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और अधिकारियों के दरवाजे खटखटाते रहे, लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी गुहार सुनने के बजाय चुप्पी साधे रखी। सरकार के पास प्रचार के लिए पैसा है, लेकिन विकास कार्य कराने वालों का भुगतान करने के लिए नहीं।

प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मोदी कि एक और गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए जुमला साबित हो रही है। सभी घरों में पीने के साफ पानी पहुंचाने की योजना को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका था, इस योजना के तहत होने वाले कार्यों के लिए पूर्वर्ती सरकार कि सरहाना केंद्र सरकार ने भी कि, जल जीवन मिशन में तय लक्ष्य का अधिकतम पूर्ण करने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश शीर्ष प्रदेशो कि श्रेणी में रहा, लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद अपने चहेतों को काम देने के लिए पूर्व में अप्रूव अनेकों निविदाएं निरस्त कर दिए, कई जिलों में काम पूरी तरह से बंद है और अब योजना का लक्ष्य बढ़ाकर 2028 तक कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ को जल जीवन मिशन योजना के तहत कुल 36,000 करोड़ स्वीकृत किए थे, जिसमें केंद्रांश और राज्यांश आधा-आधा वहन करना था, लेकिन अब तक मिशन के लिए मात्र 13,000 करोड़ रुपए ही मिले हैं, जिससे ठेकेदारों का लगभग 5000 करोड़ का भुगतान नहीं हुआ, जिससे अब यह योजना दम तोड़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि भुगतान ना होने के कारण काम प्रभावित हो रहे है, जो छत्तीसगढ़ पहले लक्ष्य का अधिकतम कार्य पूर्ण वाले प्रदेशो में अग्रिम था वो अब पिछड़ता जा रहा है और देश भर में अब 23वे स्थान पर आ गया है, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में नल जल योजना के तहत जो सुविधाएं प्रारंभ हुई थी, भाजपा की सरकार उसे मेंटेन तक नहीं कर पा रही है। छोटे-छोटे मेंटेनेंस का काम तक यह सरकार नहीं कर पा रही है। वाल्व में लीकेज और वाटर लेवल नीचे चले जाने पर बोरवेल में अतिरिक्त पाइप डालने तक का काम इस सरकार से नहीं हो पा रहा है। मोटर की खराबी और बिजली की अनुपलब्धता के चलते कई गांव में पेयजल की सप्लाई बाधित है। भाजपा सरकार की बदनीयती के चलते प्रदेश की जनता का स्वच्छ पेयजल पाने की आस अब टूटने लगी है। डबल इंजन की सरकार में छत्तीसगढ़ की जनता पर दोहरा अत्याचार हो रहा है।



