मोहला-मानपुर में डेढ़ करोड़ के साइबर फ्रॉड की जांच, भाजपा नेता के बेटे का नाम जांच के घेरे में
म्यूल अकाउंट रैकेट का खुलासा: करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन पर जांच तेज

बड़ी खबर: मोहला-मानपुर में डेढ़ करोड़ के साइबर फ्रॉड की जांच, भाजपा नेता के बेटे के खाते पर सवाल; FIR के बाद कार्रवाई का इंतजार
अंबागढ़ चौकी (मोहला-मानपुर)। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में साइबर धोखाधड़ी से जुड़े कथित म्यूल अकाउंट (Mule Account) नेटवर्क का मामला सुर्खियों में है। अंबागढ़ चौकी थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से ट्रांसफर और संचालित किए जाने की जांच की जा रही है। इस मामले में भाजपा नेता गुलाब गोस्वामी के पुत्र विनय भारती का नाम भी जांच के दायरे में बताया जा रहा है।
पुलिस द्वारा 18 मार्च 2025 को दर्ज अपराध क्रमांक 0044/2025 के अनुसार, भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त इनपुट के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच में वर्ष 2024 के दौरान विभिन्न बैंकों के 14 खातों के माध्यम से कुल 1 करोड़ 69 लाख 40 हजार 765 रुपये के संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आई है।
एफआईआर के अनुसार, इन खातों में पंजाब नेशनल बैंक के 9, एचडीएफसी बैंक के 3 और एक्सिस बैंक के 2 खाते शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन खातों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त राशि के लेनदेन के लिए किया गया या नहीं।
विनय भारती के खाते की भी जांच
मामले से जुड़े दस्तावेजों और सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि विनय भारती से जुड़े बैंक खाते भी जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। आरोप है कि इन खातों के माध्यम से करीब 90 लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और सक्षम एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
इन धाराओं में दर्ज है मामला
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 111 और 61(2)(a) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक नहीं होने से स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष और कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जांच जारी, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। आरोपों की सत्यता और संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन और जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



