26वीं राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता संपन्न, विजेता तीरंदाज शिलांग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में लेंगे भाग

The narad news 24,,,,बिलासपुर,,,,, 17 अक्टूबर 2026। डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा, बिलासपुर के खेल मैदान में 26वीं राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेश के 20 जिलों से लगभग 300 तीरंदाजों, कोच, मैनेजर एवं तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय पदक विजेता तीरंदाजों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके पैरा तीरंदाजों ने भी सामान्य वर्ग में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता तीरंदाज 11 से 18 नवंबर 2026 तक शिलांग, मेघालय में आयोजित होने वाली सीनियर राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर जिले के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि तीरंदाजी प्राचीन काल से भारत की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा रही है। भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, अर्जुन, परशुराम, द्रोणाचार्य जैसे महान धनुर्धरों ने इस परंपरा को गौरवान्वित किया है। आज तीरंदाजी केवल पारंपरिक खेल नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक, शारीरिक क्षमता और एकाग्रता पर आधारित आधुनिक खेल बन चुका है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की है। खेलों के माध्यम से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने तीरंदाजी के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए श्री कैलाश मुरारका एवं पूरी आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की तथा खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन के महासचिव श्री आयुष मुरारका ने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी की प्रतिभाओं को निखारने, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अरविंद तिवारी ने कहा कि विश्वविद्यालय तीरंदाजी खेल के विकास के लिए हरसंभव सहयोग करेगा, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
एडवोकेट श्रीमती ईशा अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का स्वागत-अभिनंदन करते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन की सराहना की। श्री कैलाश मुरारका ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर प्रशिक्षण एवं उचित मार्गदर्शन से प्रदेश के खिलाड़ी जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेंगे।
कार्यक्रम में शिव तराई आर्चरी अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती वंदना उईके सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं सम्मान प्रदान किए गए।
प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्चरी एसोसिएशन, बिलासपुर आर्चरी एसोसिएशन तथा डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा, योग एवं खेल विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष/डीन डॉ. जय शंकर यादव रहे। जिला तीरंदाजी संघ के सचिव डॉ. आलोक शर्मा ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ब्रह्मेश श्रीवास्तव ने किया।
अंत में डॉ. आलोक शर्मा ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अधिकारियों एवं आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।



