विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के साथ वीर बाल रैली को दिखाये हरी झंडी
वीर साहिबजादों के बलिदान को समर्पित रैली में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की गरिमामयी सहभागिता

The narad news 24,,,,,,,,,,,,,,,रायपुर – छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित वीर बाल रैली में आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य रूप से शामिल हुए। राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से मुख्यमंत्री श्री साय एवं विधायक श्री पुरंदर मिश्रा की उपस्थिति में रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया । इस अवसर पर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने मुख्यमंत्री के साथ सहभागिता करते हुए वीर साहिबजादों के शौर्य और त्याग को नमन किया।
इस ऐतिहासिक रैली में 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और उत्साह के साथ भाग लिया। रैली में सिख परंपरा की वीरता को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने वाली गतका जैसी साहसिक गतिविधियाँ, देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा भव्य झांकियाँ लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वीर बाल दिवस हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को स्मरण करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि अल्पायु में भी साहिबजादों ने जिस दृढ़ आस्था, साहस और धर्मनिष्ठा का परिचय दिया, वह संपूर्ण मानवता के लिए अमर प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबजादों ने किसी भी भय या दबाव के आगे झुकना स्वीकार नहीं किया और सत्य एवं धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका यह त्याग केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है। नई पीढ़ी को ऐसे महान आदर्शों से परिचित कराना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के विचारों और खालसा पंथ की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का अमिट मार्ग दिखाया।
मुख्यमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह जी की ओजस्वी पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि
“सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ”
आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संकल्प की चेतना जगाती हैं।
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं और साहिबजादों के आदर्श जीवनभर प्रेरणा देते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस प्रेरणादायी आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
