कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत का बस्तर दौरा राजनीतिक पर्यटन से अधिक कुछ नहीं : भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा : आपसी सिरफुटौव्वल, गुटबाजी और बिखराव से जूझ रही कांग्रेस में संगठन पूरी तरह लुंज-पुंज
कांग्रेस के नए प्रभारी प्रभारी तय नहीं कर पा रहे कि छत्तीसगढ़ में किस गुट को साधें और किसे किनारे करें
The narad news 24,,,,,,रायपुर।भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस के नवनियुक्त छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत के बस्तर प्रवास पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। श्री पाण्डेय ने कहा कि सुखदेव भगत का बस्तर दौरा केवल एक ‘राजनीतिक पर्यटन’ बनकर रह गया है। प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति आज इतनी जर्जर और दिशाहीन हो चुकी है कि नए प्रभारी चाहे जितने दौरे कर लें, वे डूबती नैया को किनारे नहीं लगा सकते।

भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस गंभीर अंतर्कलह और गुटबाजी की शिकार है। पार्टी कई खेमों में बँटी हुई है, जहाँ हर गुट अपनी ढपली-अपना राग अलाप रहा है। प्रदेश में संगठन का ढाँचा पूरी तरह लुंज-पुंज और निष्क्रिय हो चुका है। ऐसे बदहाल हालात में प्रदेश प्रभारी भगत के सामने संगठन को खड़ा करने से भी बड़ी चुनौती यह है कि वे आखिर किस गुट को साधेंगे और कैसे? एक गुट को खुश करने की कोशिश करते ही दूसरा गुट बगावत की मुद्रा में आ जाता है। कांग्रेस के भीतर मची यह अन्तर्कलह अब जनता के सामने जगजाहिर हो चुकी है। श्री पाण्डेय ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के प्रभारी बस्तर की नब्ज टटोलने का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने बस्तर को केवल उपेक्षा, भ्रष्टाचार और अस्थिरता के सिवा कुछ नहीं दिया। आज जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बस्तर के वनांचलों तक विकास, सुरक्षा और जनहितैषी योजनाओं को तेजी से पहुँचा रही है, तब कांग्रेस के नेता सिर्फ सियासी रोटियाँ सेंकने वहाँ पहुँच रहे हैं।
भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि भगत बस्तर जाएँ या सरगुजा, वे पूरे प्रदेश का चक्कर लगा लें, उन्हें जनता के बीच भाजपा सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा मिलने वाला नहीं है। साय सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और पारदर्शी सुशासन के सामने कांग्रेस मुद्दाविहीन होकर हताश है। श्री पाण्डेय ने कहा कि संगठन की समीक्षा का दिखावा छोड़कर भगत यह स्वीकार करें कि कांग्रेस का जनाधार पूरी तरह समाप्त हो चुका है। कांग्रेस का यह दौरा केवल बस्तर की हसीन वादियों में सैर-सपाटे और फोटो खिंचवाने तक सीमित है, जिसका जमीनी सियासत पर कोई असर नहीं होने वाला।
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