भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अभियान वोट चोरी पर पर्दा करने राजनीतिक ढकोसला

The narad news 24,,,,,,रायपुर/ 21 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा का लोकतंत्र बचाओ अभियान वोट चोरी पर जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है। जो भाजपा सरकार बीते 13 साल से अघोषित आपातकाल लगा रखा है जिसे आलोचना सुनने की साहस नही है जो सरकारी तंत्रों का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक तरीके से हो रहे आंदोलन का दमन कर रही है वो कैसे लोकतंत्र की हिमायती हो सकती है। जिसे विपक्ष, किसान,युवा,महिलाये ,आदिवासियों ओबीसी,एस सी वर्ग की आवाज चुभती हो । वो लोकतंत्र बचाने की राजनीतिक नोटंकी कर वोट चोरी,एसआईआर में मतदातों के नाम कटवाये हो उन मुहँ से लोकतंत्र बचाने की बात शोभा नही देती है। जनता समझ चुकी है कि लोकतंत्र को खतरा सिर्फ भाजपा सरकारों से है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जिस भाजपा में आतंरिक लोकतंत्र नही है दो लोगो की तानाशाही है वो देश के लोकतंत्र के प्रति वफादार कैसे हो सकते है?भाजपा संगठन और सत्ता दोनों में तानाशाही हावी है।प्रदेश में सरकार के मंत्री की सुनवाई नही होती।संगठन में वरिष्ठ नेताओं कार्यकर्ताओं की सुनी नही जाती है।सब डरे सहमे रहते है।जब भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र नही है वो कैसे लोकतंत्र की आदर करेगी।अब जनता आक्रोशित है हर तरफ विरोध हो रहा है भाजपा की अलोकतांत्रिक चरित्र उजागर हो गया तब भाजपा को लोकतंत्र की याद आ रही है। लोकतंत्र बचाने राजनीतिक नोटंकी कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि लोकतंत्र केवल भाजपा नेताओं के भाषणों, नारों और राजनीतिक बयानों में दिखता है धरातल में इसके विपरीत केंद्रीय जांच एजेंसी,सवैधानिक संस्थानों पुसिल प्रशासन का दुरुपयोग कर आंदोलनों को कुचला जाता है।विपक्षी नेताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाते है। ये भाजपा की हिटलरशाही सोच को दिखाता है। भाजपा को बताना चाहिए कि जब विपक्ष सरकार से सवाल करता है, तब उसे जवाब देने के बजाय राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश क्यों की जाती है? जब जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर जवाब मांगती है, तब वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की राजनीति क्यों की जाती है?भाजपा पहले अपने राजनीतिक आचरण में लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता दिखाए। लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाली भाजपा को यह भी स्पष्ट करना चाहिए।



