पौने तीन सालो में राम वन गमन पथ पर एक ईट भी नहीं लगाया – कांग्रेस
जनाक्रोश दबाने और नाकामी छिपाने नये स्थल का राग अलाप रहे है

The narad news 24,,,,,,रायपुर,,,,,/10 अक्टूबर 2026। भाजपा सरकार के द्वारा राम वन गमन पथ में 31 नये जगह को चिन्हांकित किया जाना पुराने कामो को रोकने का बहाना है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार नहीं चाहती राम वन गमन पथ पूरा हो। पौने तीन साल हो गये भगवान राम की चंदखुरी में मूर्ति नहीं बदल पाये। जबकि मूर्ति बनकर तैयार है। भाजपा राम वन गमन पथ पर केवल राजनीति कर रही है, व उसके भगवान राम वन गमन पथ बनाने के कोई रूचि नहीं है। पौने तीन साल में भाजपा सरकार ने राम वन गमन पथ में एक ईट भी नहीं लगवाया। जनाक्रोश दबाने और नाकामी छिपाने नये स्थल का राग अलाप रहे है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा राम के नाम पर सिर्फ राजनीति करती है, रामकाज नहीं करना चाहती है। 15 सालों तक भगवान राम और माता कौशल्या को भाजपा भूल गयी थी। 15 साल में जो नहीं हुआ उसे कांग्रेस सरकार ने 5 साल के भीतर पूरा कर दिखाया था। श्री राम वन गमन पथ के 10 स्थानो को विकसित किया गया था। राम वन गमन पथ जो मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के वनवास काल के दौरान छत्तीसगढ़ जो पूर्व में कौशल प्रदेश था में बीते उनके समय को याद दिलाता है। कांग्रेस सरकार के प्रयासों से राम वन गमन पथ सीतामढ़ी हरचौका से रामाराम तक लगभग 2260 किलोमीटर की योजना साकार रूप ले चुका है। भाजपा सरकार आने के बाद कार्य को रोक दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के नाम से राजनीति करने वाली भाजपा ने विश्व विख्यात विश्व की एकलौती माता कौशल्या के मंदिर निर्माण के विषय में नहीं सोचा। भाजपा के लिए जय श्री राम का नारा सिर्फ सत्ता प्राप्ति का जरिया, सत्ता मिलते ही भाजपा श्री राम जी को भूल जाती है। छत्तीसगढ़ में 15 साल में रमन भाजपा सरकार में वही हुआ। मोदी सरकार रामायण सर्किट के नाम से एक परियोजना शुरू कर रही है। जिसमें उसका दावा है कि रामायण कालीन स्थानों को संरक्षित किया जायेगा। लेकिन मोदी सरकार ने दुर्भावना पूर्वक छत्तीसगढ़ के भगवान राम के वन गमन मार्गों को स्थान नहीं दिया। जबकि मान्यता है कि भगवान राम ने अपने वनवास काल के 14 वर्ष में से अधिसंख्यक समय को छत्तीसगढ़ में बिताया था। छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका जन्म स्थान भी माना जाता है। इसके बाद भी रामायण सर्किट में छत्तीसगढ़ के एक भी स्थान को जगह नहीं देना बताता है कि भाजपा छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे नहीं आने देना चाहती।



