कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन का कद बढ़ा, शीर्ष नेतृत्व ने दी दो नए विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री श्री साय से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने की सौजन्य मुलाकात

The Narad News 24,,रायपुर 20 अगस्त 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने सौजन्य मुलाकात की। मंत्री श्री देवांगन ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को सार्वजनिक उपक्रम और वाणिज्यिक आबकारी विभाग का अतिरिक्त दायित्व दिए जाने पर आभार जताया ।
मुख्यमंत्री श्री साय को श्री देवांगन ने उनके जापान एवं दक्षिण कोरिया के प्रवास के लिए शुभकामनाएं दीं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ में तेज़ी से औद्योगिक विकास हो रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और राज्य आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
श्री देवांगन ने कहा कि निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। दिल्ली, मुम्बई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री की जापान एवं दक्षिण कोरिया की यात्रा से राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को गति मिलेगी।
कोरबा। कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कद बढ़ाते हुए आबकारी और सार्वजनिक उपक्रम विभाग का भी अतिरिक्त दायित्व सौंपा है।
वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बीते 19 महीने में नई औदौगिक नीति लॉन्च की। नए रिफ़्रॉम के साथसिंगल विंडो सिस्टम, 6 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, डाटा सेंटर, सेमीकन्डक्टर प्लांट सहित 1700 छोटे बड़े प्लांट स्थापित हो चुके हैं।
उद्योग विभाग में एक नई जान डाली, उद्योगपतियों के साथ नियमित तौर पर संवाद स्थापित कर सभी विसंगतियों को दुर किया। पिछली सरकार में उद्योगों के सब्सिडी का रुके 600 करोड़ से ज्यादा की राशि का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर पहली बार अस्पताल सेक्टर को उद्योग का दर्जा दिया गया।
इतने सारे रिफार्म करने की वजह से आज विभाग की छवि प्रदेश के साथ साथ महानगरों में भी बहुत अच्छी बन गई है।
इसी तरह श्रम विभाग में डीबीटी के माध्यम से 600 करोड़ से अधिक की राशि श्रमवीरों को वितरण की जा चुकी है। बंद पड़ी दाल भात केंद्र, निशुल्क कोचिंग सहित कई बड़ी योजनाओं को पुनः प्रारम्भ किया गया।
