बेमेतरा में पीएम आवास के नाम से 10-10 हजार रु. की रिश्वत, कलेक्टर को निलंबित क्यों नहीं किया गया?,,कांग्रेस
Bribe of Rs. 10,000 each in the name of PM housing in Bemetara, why was the collector not suspended? Congress

The Narad News 24,,,,,रायपुर/10 मई 2025। बेमेतरा जिला में पीएम आवास के हितग्राहियों से 10-10 हजार रु. रिश्वत लेने के मामले में बेमेतरा जिला कलेक्टर को निलंबित नहीं करने पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोरबा जिला में सुशासन तिहार के दौरान पीएम आवास के नाम से किसी भी स्तर पर एक रुपया रिश्वत लेने पर कलेक्टर को जिम्मेदार मानते हुए निलंबित करने की चेतावनी दिये थे। लेकिन बेमेतरा जिला में प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों से 10-10 हजार रुपया रिश्वत लिया गया। जांच में दोषी पाये जाने पर तीन अधिकारी नीरा साहू, नारायण साहू, ईश्वरी साहू को सस्पेंड कर दिया गया।

लेकिन मुख्यमंत्री के चेतावनी के अनुरूप बेमेतरा कलेक्टर को अभी तक निलंबित क्यों नहीं किया गया? क्या मुख्यमंत्री की चेतावनी सिर्फ हवा हवाई थी? क्या मुख्यमंत्री ने जनता से ताली बजवाने वाहवाही लूटने, मीडिया का हेडलाइन बनाने इस प्रकार बयान दिये थे? क्या उच्च अधिकारी मुख्यमंत्री की घोषणा को गंभीरता से नहीं लेते है? प्रदेश का मुखिया कोई घोषणा कर दे उसका अक्षरशः पालन होता है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सुशासन तिहार ढोंग और ढकोसला साबित हो रहा जब मुख्यमंत्री के सार्वजनिक घोषणा पर अमल नहीं किया जा रहा है, ऐसे में जनता से प्राप्त आवेदन और मांग पत्रों का निराकरण असम्भव है। मुख्यमंत्री का सरकार पर कोई नियंत्रण नहीं है यह प्रदेश की जनता पहले से कह रही है और वह आज सच भी साबित हो रहे जब मुख्यमंत्री के घोषणा का पालन नहीं हो रहा है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली भाजपा की सरकार में भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन चुका है। बिना चाय पानी लेनदेन के किसी भी विभाग में कोई काम नहीं होता है, जनता विभाग के चक्कर लगाकर हताश और परेशान हो चुकी है, यही वजह है कि सुशासन तिहार में 40 लाख से अधिक आवेदन आए हैं और अब तीसरे चरण में भी यह आवेदनों की संख्या बढ़कर एक करोड़ हो जाएगी तो अतिशयोक्ति नहीं है लेकिन उनका निराकरण होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है असल में सरकार पूरी तरह से नख दंत विहीन है प्रशासनिक तंत्रों पर सरकार का नियंत्रण नहीं है सरकार कौन चला रहा है यह स्पष्ट नहीं है मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में भारी मतभेद है खींचतान चल रहा है जिसके चलते आम जनता परेशान हो रही है।


