कांग्रेस के भीतर नेतृत्व के प्रति गहरा अविश्वास और नफरत का माहौल : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने का तीखा कटाक्ष : अय्यर का बयान सीधे तौर पर राहुल गांधी की अपरिपक्व राजनीति पर एक करारा तमाचा है
कांग्रेस अब उस मुकाम पर पहुँच गई है, जहाँ उसके अपने ही दिग्गज नेता राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं

The Narad news 24,,,,,,,,,,,,,रायपुर,,,,,,,,। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के हाल ही दिए गए बयान पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा है कि कांग्रेस अब उस मुकाम पर पहुँच गई है, जहाँ उसके अपने ही दिग्गज नेता राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। अय्यर का यह कहना कि वे ‘गांधीवादी-नेहरूवादी’ हैं लेकिन ‘राहुलवादी’ नहीं, यह स्पष्ट करता है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व के प्रति गहरा अविश्वास और नफरत का माहौल है। श्री ठोकने ने कहा कि अय्यर का बयान सीधे तौर पर राहुल गांधी की अपरिपक्व राजनीति पर एक करारा तमाचा है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि कांग्रेस के भीतर असंतोष अब दबाया नहीं जा सकता, यह ज्वालामुखी बनकर फट रहा है। कांग्रेस को अब ‘भारत जोड़ो’ का ढोंग छोड़कर ‘कांग्रेस बचाओ’ अभियान चलाना चाहिए, क्योंकि उनके अपने ही ‘सिपहसालार’ अब उनके सेनापति के खिलाफ बागी हो चुके हैं। श्री ठोकने ने कहा कि जिस पार्टी में पवन खेड़ा जैसे प्रवक्ता को अय्यर ‘कठपुतली’ और ‘तोता’ बता रहे हों और केसी वेणुगोपाल जैसे महासचिव को ‘राउडी’ की संज्ञा दी जा रही हो, उस पार्टी के भविष्य का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। यह बयानबाजी साबित करती है कि कांग्रेस के भीतर लोकतंत्र खत्म हो चुका है और अब वहाँ केवल चाटुकारिता का बोलबाला है। कांग्रेस वैचारिक रूप से दीवालिया हो चुकी है और ताश के पत्तों की तरह बिखर रही है। एक तरफ सचिन पायलट और केसी वेणुगोपाल उन्हें पार्टी का हिस्सा नहीं बता रहे, तो दूसरी तरफ अय्यर उन्हें आईना दिखा रहे हैं। श्री ठोकने ने कहा कि जब घर के बड़े ही राहुल गांधी को नेता मानने से इनकार कर दें, तो देश उन पर भरोसा कैसे करेगा? सरदार पटेल जैसे महापुरुषों की तुलना केसी वेणुगोपाल से करना कांग्रेस की गिरती हुई राजनीतिक मर्यादा का प्रमाण है।
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