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अभी तक धान खरीदी की तिथि घोषित नहीं करना सरकार की बदनीयती – भूपेश बघेल

The narad news 24,,,,,रायपुर/22 अक्टूबर 2026। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए धान खरीदी, पटवारियों की हड़ताल, महतारी वंदन में महिलाओं से वूसली, पीएससी परीक्षा की गड़बड़ी और बीटीआई ग्राउंड को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि किसान, गरीब और मजदूर दीपावली मना सके, इसीलिए सरकार ने अभी तक धान खरीदी की तिथि की घोषणा नहीं किया। मोदी ने अपने जन्मदिन पर पूरा तेल जलवा दिया, अब गरीबों के घर में दीपावली का दीया भी नहीं जलाने देना चाहते। किसान जब धान बेचेगा तभी उसके घर में दीपावली मनेगी। साय सरकार के बनने के पहले तक राज्योत्सव दिन 1 नवंबर अर्थात दीपावली के समय धान की खरीदी शुरू हो जाती थी ताकि किसान त्यौहार मना सके। अभी तक सरकार तारीख को लेकर कोई निर्णय नहीं ले पाई है, न ही खरीदी का जमीनी स्तर पर कोई तैयारी दिख रही है, न बारदाना की उपलब्धता की तैयारी है और न ही खरीदी केन्द्रों पर कोई तैयारी है। हमारी मांग है कि दीपावली के पहले धान खरीदी की जाये। यदि धान खरीदी दीपावली तक नही होती है तो अग्रिम भुगतान किया जाये। धान की इस वर्ष 3358 रू. प्रति क्विंटल किया जाये दो साल में समर्थन मूल्य 258 रू.। 117 रू. (24-25), 69 रू. (25-26), 72 रू. (26-27) में बढ़ा है भाजपा का वादा 3100 रू. का था 258 रू. जोड़कर किसानों 3358 रू. का भुगतान किया जाये।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार पिछले साल का चावल अभी तक एफसीआई में जमा नहीं कर पाई है। सरकार के डीपीआर की वेबसाईट में 25 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष कुल चावल जमा करने का लक्ष्य रू. 89 लाख टन, अब तक जमा किया चावल रू. 37.50 लाख टन, शेष चावल (जो अभी तक जमा नहीं किया गया है।) रू. 51.50 लाख टन चावल राइस मिलरों द्वारा सरकार के पास जमा करना अभी बाकी है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 14.79 मीट्रिक टन धान का संग्रहण केंद्रों में उठाव नहीं हुआ है। मिलरों के पास जगह है, न संग्रहण केंद्र खाली है, इसीलिए धान खरीदी देर से शुरू करना चाह रहे।

 

*पटवारियो की हड़ताल से किसान परेशान*

 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि धान खरीदी के लिये पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक निर्धारित है। पटवारियों की हड़ताल के कारण 31 अक्टूबर तक सभी किसानों का पंजीयन कैसे हो पायेगा? धान खरीदी के लिए पंजीयन का काम चल रहा है, लेकिन फौती काटना बंद होने और राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने से किसान तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। पटवारी प्रतिवेदन के बिना तहसीलदार और एसडीएम कार्यालयों में राजस्व के प्रकरण लंबित हो गए हैं। धारा 115 के तहत लाखों प्रकरण पहले से ही शीर्ष कार्यालयों में लंबित हैं और अब नए प्रतिवेदन ही नहीं पहुंच रहे हैं। फौती, नामांतरण, बंटवारा और त्रुटि सुधार के लिए किसानों को भटकना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में यदि रिकॉर्ड समय पर दुरुस्त नहीं हुआ तो हजारों किसानों को धान बेचने से भी वंचित होना पड़ सकता है। पटवारी राजस्व विभाग द्वारा थोपे गए नए पीवी ऐप यानी फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप का विरोध कर रहे हैं। इस ऐप के जरिए डिजिटल सर्वे और GPS फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, लेकिन ऐप में लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। सर्वर डाउन रहना, लोकेशन मैच न होना, और खेत में खड़ी फसल के भौतिक सत्यापन में आ रही व्यवहारिक दिक्कतों से पटवारी परेशान हैं। पटवारी संघ पहले ही सरकार को इन दिक्कतों से अवगत करा चुका था, लेकिन सरकार ने गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके चलते उन्हें मजबूरन हड़ताल के रास्ते पर जाना पड़ा। उनका यह विरोध पूरी तरह जायज है। सरकार पटवारियो के हड़ताल का समाधान निकाले ताकि धान खरीदी में उसका विपरीत प्रभाव नहीं पड़े।

 

*महतारी वंदन में महिलाओं से वसूली अनुचित*

 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि महतारी वंदन का लाभ प्राप्त कर रही महिलाओं को अपात्र बताकर उनसे अब तक दी गयी राशि की वसूली किया जाना महिलाओं के साथ अन्याय है विधानसभा चुनाव के समय तो मुख्यमंत्री की पत्नी तक को इस योजना का लाभ देने की बात कही। मोदी की गारंटी में वादा किया कि हर विवाहित को महतारी वंदन का लाभ दिया जायेगा, सरकार बनाने के बाद सरकारी नौकरी और इनकम टैक्स का बंधन दिया गया। अब नया फरमान आया है। महतारी वंदन के रूप में भारतीय जनता पार्टी की सरकार महिलाओं पर एहसान जताना बंद करे। महतारी वंदन के नाम से 1000 देते है, बिजली बिल का दाम 5 बार में 33 प्रतिशत बढ़कार 4000 रू. महिना वसूल रहे है। भाजपा के मंत्री बोलते है शराब को बेचकर महतारी वंदन का पैसा देते है। मतलब महतारी वंदन के नाम 1000 देकर माताओं, बहनों के पति, भाईयों, बच्चों को शराबी बनाना चाहते है। शराबी बनने की कीमत लिये महिलाओं को 1000 रू. नही चाहिये। पहले 70 लाख महिलाओं को पैसा दिया था अब लगभग 68 लाख महिलाओं को पैसा मिल रहा है। सरकार की नीयत में खोट दिख रहा है सरकार यह एहसान दिखाना बंद करे।

 

*मुख्य परीक्षा 2025 की कॉपी अभ्यर्थियों को दे आयोग*

 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पीएससी की 2025 के मुख्य परीक्षा में बैठे अभ्यर्थी अपनी उत्तरपुस्तिकायें अवलोकन करने मांग रहे है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई है उन्हें न्यूनतम अंक अवश्य मिलता। इस वर्ष इंटरव्यू में भी पूरे अभ्यर्थी नहीं जा पा रहे है, ऐसे में इन छात्रों की मांग के अनुरूप पीएससी अपनी विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए छात्रों को उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करवा दे। ताकि अभ्यर्थियों का भरोसा भी बना रहे और आयोग की प्रतिष्ठा भी। आयोग 2025 के मुख्य परीक्षा की कॉपी भी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराये ताकि अभ्यर्थी उनको दिये गये नंबरों का स्वमूल्यांकन कर संतुष्ट हो सके। आयोग ने 2025 की परीक्षा को मुख्य परीक्षा में 265 पदों के विरूद्ध 795 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू के लिये चयनित नहीं किया है। आयोग ने केवल 608 अभ्यर्थियों को ही इंटरव्यू के लिये योग्य माना है। साक्षात्कार 187 अभ्यर्थी कम पहुंचे है, जो 1ः3 के नियम के विरुद्ध है। पीएससी का कहना है कि 187 अभ्यर्थी न्यूनतम 66 और 46 नंबर नहीं प्राप्त कर पाये है। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता केवल परीक्षा कराने से नहीं, बल्कि हर चरण में पारदर्शिता से सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने अभी तक आयोग का अध्यक्ष नहीं नियुक्त होने पर भी चिंता व्यक्त किया।

 

*बीटीआई ग्राउंड में कमर्शियल रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट गलत*

 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा राजधानी के बीटीआई ग्राउंड में कमर्शियल एवं रेसीडेंसियल प्रोजेक्ट बनाने जा रही है। राजधानी में मुश्किल से एक दो मैदान बचे है सरकार उनको भी बेच रही है। बीटीआई ग्राउंड शहर के मध्य एकमात्र खुला मैदान है। जहां पर राजधानी के लोग सुबह शाम सैर करते है। वहां पर विभिन्न प्रकार के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन किये जाते है। यहां पर कमर्शियल और रेसीडेंसियल प्रोजेक्ट तो बनाया जाना गलत है। राजधानी में खुले मैदान की ज्यादा जरूरत है सरकार बिल्डर मत बने अपनी सामाजिक सरोकार को निभाये। रायपुर में खुले मैदानों की कमी पहले से है। पहले जो स्कूलों के मैदान थे। उसको भाजपा की पूर्ववर्ती सरकारो ने दुकाने और विभिन्न निर्माण करवा कर खत्म कर दिया है। साईंस कालेज मैदान, सप्रे स्कूल, आरडी तिवारी स्कूल, मोवा स्कूल गवरमेंट स्कूलो के मैदान तो पहले ही दम तोड़ चुके है। अब एक मात्र बचे बीटीआई ग्राउंड को समाप्त किया जाना गलत है।

 

 

The Narad News 24

दा नारद न्यूज 24 The Narad News

भ्रष्टाचारियो,भूमाफियाओं,नशे के सौदागरों, समाज में धार्मिक उन्मादता फैलाने वालों, मोब लॉचिंग करने वालों, पशु क्रूरता करनेवालों, भ्रष्ट राजनेताओं, लापरवाह अधिकारी,कर्मचारियों, किसानों एवं वंचित समाज के लोगों का शोषण करने वालों के खिलाफ हमारी मुहिम (प्रतीक सेंगर)8878141022,9516140716,9685662222

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