एआई मिशन के नाम पर युवाओं को सपना नहीं, रोजगार का ठोस रोडमैप चाहिए – कांग्रेस

The narad news 24,,,,रायपुर/09 अक्टूबर 2026। कांग्रेस ने मंत्रिमंडल के द्वारा मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन शुरू किये जाने के फैसले को युवाओं को ठगने का नया तरीका बताया है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मंत्रिमंडल ने आज फैसला लिया है कि आने वाले 5 साल में युवाओं का स्किल डेवलपमेंट करने के लिये मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना चालू की जायेगी। सरकार इस एआई मिशन के नाम पर लगभग 500 करोड़ रूपये सरकार खर्च करेगी। पिछले मंत्रिमंडल में भी इस बारे में फैसला लिया गया था। सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय अब एआई के नाम पर नए सपने बेचने की तैयारी कर रही है। सरकार का दावा है कि एआई मिशन के तहत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा एआई स्टार्टअप को सहायता मिलेगी। लेकिन असली सवाल यह है कि इन प्रशिक्षणों के बाद कितने युवाओं को वास्तविक रोजगार मिलेगा? कितने युवाओं को नौकरी मिलेगी? कितने स्टार्टअप जमीन पर उतरेंगे और कितने केवल कागजों में रहेंगे?

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार के इस फैसले पर युवाओं को भरोसा नहीं है, यह सरकार रोजगार किलिंग सरकार है। 2023 के विधानसभा चुनावो में युवाओं से वादा किया था कि 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे। पिछले पौने तीन साल में एक भी भर्ती नहीं निकाला। प्रोफेसर की पोस्ट खाली है, शिक्षको का पोस्ट खाली है। प्रदेश के अनेकों विभागों में लगभग 1 लाख 7 हजार पोस्ट खाली है। अब एआई मिशन मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन के नाम से युवाओ को फिर से ठगने की कोशिश कर रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ का युवा इनके भ्रम में नहीं आने वाला है। इनके ठगने का सबूत यही है कि उनके पास सवा दो साल बचे है और 5 साल की कार्य योजना बना के युवाओं में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि कांग्रेस पूछना चाहती है कि 500 करोड़ रू. में से युवाओं के सीधे कौशल और रोजगार पर कितना पैसा खर्च होगा? 6 लाख विद्यार्थियों को एआई प्रशिक्षण देने के बाद कितने युवाओं को प्रमाणित रोजगार मिलेगा? सरकार ने रोजगार की कितनी नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य तय किया है? 300 से अधिक एआई स्टार्टअप को सहायता देने की बात है, इनकी चयन प्रक्रिया और फंडिंग की पूरी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? क्या सरकार यह गारंटी देगी कि एआई प्रशिक्षण केवल प्रमाण पत्र बांटने तक सीमित नहीं रहेगा?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रचार नहीं, रोजगार चाहिए। फोटो और विज्ञापन नहीं, नौकरी चाहिए। घोषणा नहीं, परिणाम चाहिए। कांग्रेस एआई और नई तकनीक के विरोध में नहीं है। कांग्रेस चाहती है कि छत्तीसगढ़ के युवा एआई मशीन लर्निंग और डेटा साइंस में आगे बढ़ें। लेकिन सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि 500 करोड़ रू. का यह मिशन युवाओं के भविष्य में निवेश है या केवल सरकार के प्रचार का नया माध्यम। साय सरकार को युवाओं के सामने पूरा बजट, समय सीमा, प्रशिक्षण संस्थानों की सूची, चयन प्रक्रिया, रोजगार लक्ष्य और हर वर्ष की उपलब्धियों का सार्वजनिक ऑडिट रखना चाहिए। युवाओं के भविष्य के साथ प्रयोग मत कीजिए। एआई के नाम पर उम्मीदें मत बेचिए, नौकरी और अवसर दीजिए। कांग्रेस का सवाल साफ है एआई मिशन में युवाओं को रोजगार मिलेगा या सिर्फ प्रमाण पत्र?



