सरकारी अमले पर हो रहे हमले भाजपा सरकार की नाकामी और बिगड़ती कानून व्यवस्था का नतीजा, जनता का आक्रोश संभालने में सरकार विफल
भाजपा के मंत्री-विधायकों की धमकी और दुर्व्यवहार ने प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा को किया तार-तार, अब जनता का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है

The narad news 24,,,,,रायपुर/09 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकारी अमले पर हो रहे हमलों और बढ़ती आक्रोशपूर्ण घटनाओं के लिए भाजपा सरकार की कार्यशैली, लचर कानून व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता जिम्मेदार है। जब सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक ही सार्वजनिक मंचों से अधिकारी-कर्मचारियों को धमकाने, अपमानित करने और दंडित करने जैसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो प्रशासनिक व्यवस्था की गरिमा और कानून के प्रति सम्मान कैसे कायम रहेगा? भाजपा सरकार ने सुशासन के नाम पर अधिकारियों को डराने-धमकाने की जो राजनीतिक संस्कृति विकसित की है, आज उसके दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान जनसमस्याओं का समाधान करने के बजाय अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकारने, धमकाने और अपमानित करने की घटनाओं ने भाजपा सरकार की कार्यशैली को उजागर कर दिया। विधायक अजय चंद्राकर द्वारा अधिकारी को गाड़ देने की धमकी देने और सांसद भोजराज नाग द्वारा अधिकारी को उल्टा लटकाने जैसी कथित धमकियां प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ हैं। जनप्रतिनिधियों का काम जनता की समस्याओं का समाधान कराना है, न कि अधिकारियों को धमकाकर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करना। जब सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि ही ऐसी भाषा का इस्तेमाल करेंगे, तो कानून के शासन और प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के तीन साल होने जा रहे कार्यकाल में प्रदेश की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन विभाग के अमले, पुलिस प्रशासन, खनिज विभाग और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों के साथ विवाद और हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं को केवल कानून-व्यवस्था की अलग-अलग घटनाएं मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। सरकार को यह समझना होगा कि जब आम जनता सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हो, शिकायतों पर सुनवाई न हो और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की धारणा बने, तो व्यवस्था के प्रति नाराजगी बढ़ती है। हालांकि, किसी भी परिस्थिति में सरकारी कर्मचारियों पर हमला स्वीकार्य नहीं है और ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में वन माफिया, भू-माफिया, रेत माफिया और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े तत्वों के फलने-फूलने की शिकायतें लगातार उठ रही हैं। प्रदेश में नशीले पदार्थों की बिक्री पर भी प्रभावी नियंत्रण नहीं दिख रहा है। आम जनता अपने जायज कामों के लिए परेशान है, जबकि अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने में सरकार विफल नजर आ रही है। विभागीय मंत्री जन शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के नाम पर केवल बयानबाजी होती है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार को समझना चाहिए कि धमकी, दबाव और दिखावे से सुशासन नहीं चलता। सुशासन के लिए निष्पक्ष कानून व्यवस्था, जवाबदेह प्रशासन, माफिया पर कठोर कार्रवाई और जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी है। यदि सरकार समय रहते अवैध गतिविधियों पर रोक लगाती, जनता की शिकायतों पर कार्रवाई करती और अपने नेताओं को संवैधानिक मर्यादा में रहने की नसीहत देती, तो प्रशासन और जनता के बीच अविश्वास की स्थिति को काफी हद तक रोका जा सकता था।



