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कोमल शरीर को चीटियों ने घंटों जकड़े रखा..दिए जख्म:दर्दनाक कहानी

THE NARAD NEWS24……………..रविवार शाम करीब 6 बजे सिलिकॉन सिटी के इंडो अपार्टमेंट के सामने के खाली प्लाट में कचरा बीनने वाले युवक को प्लाट में लगी झाड़ियों में कुल हलचल दिखी। पास जाकर देखा तो झाड़ियों में उसने नवजात को देखा, जिसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था और उस पर काफी चीटियां रेंग रही थी। वह तुरंत बाहर आया और रहवासियों को सूचना दी। इस पर यहीं रहने वाली सिमरन कटारिया व नेहा गुप्ता व अन्य मौके पर पहुंचे तो वे भी वह दृश्य देख सिहर गए। नवजात के पूरे शरीर पर चीटियां रेंग रही थी। उसे तत्काल झाड़ियों से बाहर लाकर एक टॉवेल में रखा और पुलिस को सूचना दी।

घंटों झाड़ियों में पड़ी रही, लेकिन नहीं निकली आवाज

आश्चर्य इस बात का है जहां नवजात बच्ची मिली वहां दिन में काफी चहल-पहल रहती है। रविवार को अवकाश होने के कारण भी ऐसा ही माहौल था। ऐसे में दिन में बच्ची को यहां लाकर फेंकना संभव नहीं है। संभव है कि उसे तड़के अंधेरे में फेंका गया। चीटियों ने बच्ची की ऐसी स्थिति कर दी थी कि उसकी आवाज तक नहीं निकली। जिसके चलते लोगों को काफी देर बाद पता चला। उक्त स्थान के आसपास कहीं सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं।

चीटियां हटाने के बाद टॉवेल में सुरक्षित रखा गया।
चीटियां हटाने के बाद टॉवेल में सुरक्षित रखा गया।

ऑक्सीजन देकर किया स्टेबल

पुलिस को सूचना देने के बाद रहवासी उसे कार से तुरंत यूनिक अस्पताल ले गए। चूंकि उक्त अस्पताल पीडियाट्रिक यूनिट नहीं है, इसलिए वहां से उसे फिर आदित्य नर्सिंग होम ले जाया गया। रहवासी नेहा गुप्ता ने बताया कि हॉस्पिटल में सबसे पहले उसके पूरी शरीर से चीटियां हटाई गई। इस दौरान उसके सिर, चेहरे और पीठ पर झाड़ियों से खरोच भी आ गई थी। यहां सबसे पहले डॉक्टरों ने हिला-डुला कर उसे रुलाया। इसके बाद ऑक्सीजन देकर पल्स चेक की गई। इस बीच राजेंद्र नगर पुलिस अस्पताल पहुंची। जांचकर्ता प्रदीप यादव ने कागजी कार्रवाई के बाद बच्ची को एमटीएच पहुंचाया।

अब पहले से बेहतर.. मां का तो पता नहीं मदर मिल्क बैंक से मिल रहा दूध।
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